Friday, December 18, 2009

बालीवुड पर भारी जेम्स कैमरान का अवतार

भोपाल। इस शुक्रवार एक बार फ़िर बालीवुड पर हालीवुड भारी पड़ा। ऐसा लगता है की बालीवुड को भी जेम्स कैमरान का अवतार चाहिए, क्योंकि बालीवुड की एक साल की कोशिश पर हालीवुड की कोशिश भारी पड़ जाती है। अवतार नाम की जो फ़िल्म आज रिलीस हुई उसने दर्शकों को दोबारा आने के लिए आमंत्रित कर दिया है। लंबी प्रतीक्षा के बाद जेम्स कैमरान विज्ञानं फंतासी लेकर आए हैं, जिसने दर्शकों के थोड़ा रूककर अभिभूत कर दिया। गौरतलब है की जेम्स कैमरान ने दर्शकों से वादा किया था की वे हैरान के देने वाले होंगे और आज उन्होंने वादा निभाया। यह एक विशेष फिल्म है जो दर्शको के साथ-साथ आलोचकों के भी रोमांचित करती है। सबसे अच्छी बात ये है की मूर्खतापूर्ण हँसी और फूहड़ दृश्यों से दर्शकों को दूर रखा गया है, क्योंकि कुछ दिनों से हालीवुड वाले भी भारत को ध्यान में रखते हुए बेहूदा हास्य डालने लगे हैं। जैसा टीवी पर दर्शक ट्रेलर देखते हैं वेसे ही मजे उसे सिनेमा में फ़िल्म देखने पर भी आता है। शुरुआत में जरुर फ़िल्म थोड़ा स्लो चलती है है, लेकिन बाद में जेसे फ़िल्म गति पकती है तो दर्शकों में रोमांच जाग जाता है।
कहानी-पेन्डोरा गृह जिसका एक किलो का पत्थर एक करोड़ रूपये में बिकता है। उसी पत्थर की खोज एक व्यापारी को पेन्डोरा गृह ले आती है। लेकिन पेन्डोरा रहने वाले जीव उनके लिए समस्या हैं। इस समस्या से पार पाने के लिए व्यापारी जान नमक एक विकलांग सैनिक को चुनता है और जान पेन्डोरा गृह के निवासियों में घुलने मिलने में कामयाब हो जाता है। जान का काम था की वह पेन्डोरा के निवासियों को ये बात बता दे की उन्हें पेन्डोरा के गाँव ख़ाली करना है। लेकिन जान को पेन्डोरा के सरदार की लड़की से प्यार हो जाता है। इस दौरान व्यापारी पेंडोरा पर हमला करने की तय्यारी कर लेता है इस बात की भनक सिम को लग जाती हैफ़िर शुरू होता है जबरदस्त रोमांच जो की फ़िल्म खत्म होने के बाद दर्शकों के सीने में चलायमान है। कुल मिलाकर एक अवतार की आंखों के माध्यम से प्राकृतिक और अप्राकृतिक चमत्कार के अंतहीन, लुभावनी संग्रह को पेश किया, गया है। सभी अलौकिक तरलता के साथ प्रदान की गई है। पेंडोरा अनगिनत पशु प्रजातियों में से एक है और हम अपने हाथों पर एक प्रामाणिक क्लासिक फिल रख सकते हैं। अवतार, कहानी और चरित्र के विकास में बाधा के रूप में इलाज कर रहे हैं, कथा ब्रश कि स्पष्ट किया जाना चाहिए की जेब को अगले असाधारण व्यापक सेट टुकड़ा के निर्माण के लिए रास्ता बनाने में कटौती। और फिर भी, उसकी खामियों के बावजूद, अवतार उन में से एक अत्यंत दुर्लभ मामलों में प्रतिनिधित्व करता है जो पदार्थ पर शैली की जीत - और एक भूस्खलन से. इस फ़िल्म में जिनको अभिनय दिखने का मौका दिया उन्होंने थोड़े समय में भी अपना कमल दिखा दिया। दिक्कत है तो केवल एक की फ़िल्म को बेहतर ढंग से समझने के लिए दो बार देखना पड़ेगी। भोपाल के रम्भा, संगम, और एक एनी सिनेमा ये फ़िल्म लगी और क्रिकेट मैच होने के बावजूद फ़िल्म को दर्शक मिले।

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