Friday, October 24, 2008

भोपाल को सलाम
आज हम भोपाल की तारीफ़ करते नही थकते क्योंकि ये तालो का शहर है लेकिन तालो के लिए भोपाल की तारीफ़ करने के बजाय उसकी जिजीविषा के लिए यहाँ के लोगो की तारीफ़ करना चाहिए ऐसा हुआ भी है, लेकिन अपने ब्लॉग पर में उनको सलाम न करू जिन्होंने विश्व की सबसे भीषण त्रासदी में अपनी जान खोई और इस हादसे में जिन्होंने सीधे यमराज से भिड़ने का जज्बा दिखाया, तो ये सरासर बेईमानी होगी
भीम सिंह\जाहिद मीर

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