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Tuesday, April 06, 2010

पहली बार पत्रकार आये खुद के खिलाफ

पेड न्यूज के खिलाफ इंदौर प्रेस क्लब ने निकाली स्मारिका
भोपाल। आमतौर पर नेताओं, अफसरों और दूसरे के खिलाफ लिखने वाले खबरनवीश यानि पत्रकार अब पहली बार अपने खिलाफ खबर लिखने लगे हैं। देश में पेड न्यूज को लेकर मचे हंगामे के बाद लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभाओं के साथ–साथ पूरे देश में चौराहे–चौराहे पर चर्चा हो रही है। क्यों बिक जाते हैं अखबार मालिक? क्या कर रहे हैं पत्रकार? क्या देख रहे हैं संपादक? क्यों चुनाव के समय लाखों रुपए लेकर पाठकों को धोखा देते हुए गलत उम्मीदवारों को चुनाव जीताने के लिए सकारात्मक ही नहीं, चापलूसी की खबरें छापी जाती है।
पहले बार देश के दिग्गज पत्रकार प्रभाष जोशी ने पेड न्यूज के खिलाफ मोर्चा संभाला था। इसी बीच उनका निधन हो गया। प्रभाष जोशी और राजेंद्र माथुर जैसे पत्रकारों को समर्पित करते हुए इंदौर प्रेस क्लब ने ‘‘अपने गिरेबां में...’’ शीर्षक से स्मारिका का प्रकाशन किया है। जिसका विमोचन प्रेस कौन्सिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन न्यायमूर्ति जी.एन. रे, पद्मश्री अभय छजलानी, दैनिक भास्कर के समूह संपादक श्रवण गर्ग की मौजूदगी में गत दिनों में इंदौर प्रेस क्लब में किया गया स्मारिका के कवर पेज को खूबसूरत बनाते हुए पेन की नीब से रुपए गिरते हुए बताये गए हैं। कवर पेज पर ही लिखा है ‘‘एक चिंगारी कहीं से ढूंढ लाओं दोस्तो, इस दीये में तेल से भीगी हुई बाती तो है’’। स्मारिका में वरिष्ठ पत्रकार प्रभाष जोशी, श्रवण गर्ग, डॉ. वेदप्रताप वैदिक, हरिवंश, अभय छजलानी, रामशरण जोशी, पुण्य प्रसून वाजपेयी, ओम थानवी, पंकज शर्मा, राजदीप सरदेसाई, मृणाल पांडे, सुचेता दलाल सहित 49 पत्रकारों और राजनेताओं के भी आलेख छापे गए हैं। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन, भाजपा नेता अरूण जेटली, दैनिक भास्कर के संचालक सुधीर अग्रवाल, राष्ट्र संघ भय्यू महाराज, पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, न्यायमूर्ति पी.वी. सांवत ने भी अपने विचार रखे हैं। पूरे देश में पहली बार निकली इस स्मारिका में छपे लेख पढ़कर पता चलता है कि पत्रकार अब अपने खिलाफ भी लिखने लगे हैं। अखबार मालिकों की चाकरी करने वाले संपादक जो अब अखबारों के लिए जनसंपर्क अधिकारी का रोल भी निभाते हैं। उन्होंने पेड न्यूज को सही और गलत दोनों बताया। इस स्मारिका में छपे लेख हम रोजाना अपनी वेबसाइट पर पाठकों और पत्रकारों के लिए प्रकाशित करेंगे। इस स्मारिका में छपे लेख पर हम पाठकों की प्रतिक्रिया भी चाहेंगे। कृपया आप अपनी प्रतिक्रिया हमें अवश्य भेजे।

Friday, December 04, 2009

गैस ट्रेजिडी पर भास्कर की अदभुत श्रधान्जली

भोपाल। दुनिया में कई काम अदभुत होते हैं कुछ नेक नियत के साथ तो कुछ ग़लत नियत के साथ। लेकिन दैनिक भास्कर ने गैस ट्रेजिडी पर जिस तरह से श्रधांजलि दी वह अदभुत है, न केवल मानवीयता के लिहाज से बल्कि पत्रकारिता में भी एक मिसाल है। शायद इसी लिए भास्कर सबसे अलग है। इसके पहले केवल नई दुनिया ने आपातकाल के समय पेज खाली देकर लोगों को सही मायने में आपातकाल का अहसास दिलाया था। इस भास्कर ने २ दिसंबर की कलि रात को हुए हादसे के लिए ३ दिसंबर के अख़बार के सभी पेज ब्लेक एंड व्हाइट रखे। ३ दिसंबर की सुबह जब लोगों ने अख़बार पड़ा तो उनको २५ साल पहले हुई घटना का अहसास हुआ। आम और खास ने उस रात को महसूस किया। इसके लिए भास्कर की टीम बधाई और साधुवाद की पात्र है। भास्कर ने ३ दिसंबर को जो कंटेंट लिया वहभी लाजवाब है। एक बानगी उस हादसे की भास्कर के द्वारा।

Monday, November 16, 2009

गुजरात में 221 करोड़ की भास्कर प्रिंट प्लेनेट शुरू

भोपाल। भास्कर समूह ने अपने बड़ते ग्रुप में एक और उपलब्धि जोड़ ली है। समूह ने गुजरात में एक अत्याधुनिक प्लांट डाला है। ये ख़बर इसलिए यहाँ दे रहे हनी की एक अख़बार की तरक्की होती है तो मीडिया कर्मियों को भी इसका लाभ मिलता है।
भास्कर समूह के अत्याधुनिक ‘प्रिंट प्लेनेट-अहमदाबाद’ का गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने शनिवार को एक भव्य, गरिमापूर्ण समारोह में लोकार्पण किया।
चांगोदर में स्थित ‘प्रिंट प्लेनेट’ के लोकार्पण के साथ ही गुजराती पत्रकारिता के इतिहास में नए युग का श्रीगणोश हो गया है। अब भास्कर समूह का दिव्य भास्कर गुजराती भाषा का ऐसा पहला समाचार पत्र बन गया है जो विश्वस्तरीय अल्ट्रा-मॉडर्न एबीए मशीन से छप कर पाठकों के हाथ में पहुंच रहा है।
पूर्णतया ऑटोमेटिक एवं अत्याधुनिक प्रिटिंग-टेक्नोलॉजी से सुसज्जित करीब 221 करोड़ रुपए की लागत वाला ‘प्रिंट प्लेनेट’ एक घंटे में २.५५ लाख रंगीन प्रतियां प्रकाशित करने में सक्षम है। ‘प्रिंट प्लेनेट’ को स्थापित करने के लिए 13 माह से जर्मनी के 40 इंजीनियरों की टीमें दिन रात कार्य कर रहीं थीं।
‘प्रिंट प्लेनेट’ में काउंटिंग, स्टेकिंग, लेबलिंग एवं रेपिंग सहित प्रिंटिंग के अधिकांश काम स्वचालित तकनीक से संचालित होते हैं। इस मौके पर गुजरात विधानसभा अध्यक्ष अशोक भट्ट, ऊर्जा राज्यमंत्री भरत सिंह सोलंकी, सांसद, विधायक एवं आला पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। इससे पहले समूह के अध्यक्ष रमेशचंद्र अग्रवाल ने सभी आमंत्रित महानुभावों का स्वागत किया।

हर तारीख पर नज़र

हमेशा रहो समय के साथ

तारीखों में रहता है इतिहास